नजीब को बदनाम करने वाले ‘मीडिया समूहों’ को कोर्ट द्वारा फटकार..!

(ए.ख़ान)

नई दिल्ली: हाईकोर्ट ने नजीब अहमद के मानहानि मामले में संबंधित मीडिया समूहों को यह निर्देश जारी किया है कि वह अपनी वेबसाइट से उन तमाम वीडियो और लेखों को हटाएं जिनमें जेएनयू के लापता छात्र नजीब अहमद को आईएसआई से लिंक करके बताया गया है और मानहानि से संबंधित ऑनलाइन सामग्री मौजूद है। उन मीडिया समूहों में विशेष TIMES OF INDIA, INDIA TODAY, TIMES NOW और DILLI AAJTAK शामिल है। कोर्ट ने यूट्यूब से भी इस तरह की झूठी और प्रोपेगेंडा से जुड़ी सभी वीडियो को हटाने के लिए कहा है। नजीब अहमद की मां की मांग है कि उनके बेटे को बदनाम करने वाले मीडिया समूह सार्वजनिक तौर पर माफी मांगें।

नजीब से जुड़ी ख़बरें झूठी और निराधार थी…
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के लापता छात्र नजीब अहमद की मां फातिमा नफीस ने कहा है कि उनके बेटे को बदनाम करने वाले मीडिया समूह ने ख़ुद यह स्वीकार किया कि नजीब अहमद को आईएसआईएस से जोड़कर बताई गई खबरें सरासर निराधार और झूठी थीं। फातिमा नफीस ने बताया कि नजीब अहमद के ख़िलाफ़ जितनी भी मानहानि से संबंधित सामग्री है उसको हटाए जाने का फैसला लिया गया है।

मीडिया समूहों पर मानहानि का मुकदमा दर्ज…
अदालत ने टिप्पणी की है कि मीडिया अपनी जिम्मेदारी को समझे और इस मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए एक जिम्मेदार मंच के तौर पर काम करें। आपको बता दें कि फातिमा नफीस ने इन मीडिया समूहों पर मानहानि का मुकदमा किया था जिसमें उन्होंने नजीब के ख़िलाफ़ फर्जी निराधार और भड़काऊ खबरें दिखाई थी। फातिमा नफीस ने कहा कि उनके बेटे के ख़िलाफ़ जिस तरह की खबरें दिखाई वह सभी निराधार थीं। नजीब की मां ने कहा कि उनके बेटे के गुमशुदा हो जाने में सीधे तौर पर राजनीतिक हस्तक्षेप है। राजनीतिक दबाव के चलते ही उनके बेटे की तलाश सही से नहीं हो पा रही है।फातिमा नफीस ने बताया कि इन मीडिया समूहों ने जानबूझकर बदनाम करने के लिए इस तरह की खबरें चलाईं, जिससे जांच पर असर पड़े और मुद्दे से भटकाया जा सके। फातिमा ने कहा कि उनके परिवार को बदनाम करने की पूरी योजना बनाई गई थी। फ़ातिमा ने अपने ट्विटर हैंडल अकाउंट पर सम्बंधित मीडिया संस्थानो के नाम की पुष्टि की है।

 

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