नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने खिलाड़ियों की बढ़ती चोट की समस्याओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए फिटनेस नीति में बड़ा बदलाव किया है। बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) की मेडिकल टीम ने अब सभी खिलाड़ियों के लिए एक समान और सख्त फिटनेस मानक तय कर दिए हैं।
भारतीय टीम में अब चयन का आधार पारंपरिक यो-यो टेस्ट की बजाय ‘ब्रोंको टेस्ट’ को बनाया गया है। नए नियमों के अनुसार, खिलाड़ियों को यह कठिन टेस्ट 5 मिनट 15 सेकंड से 5 मिनट 20 सेकंड के भीतर पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है।
सीनियर खिलाड़ियों के लिए भी खत्म हुई छूट
बीसीसीआई ने स्पष्ट कर दिया है कि अब खिलाड़ियों की कद-काठी या पहचान देखकर रियायत नहीं दी जाएगी। बोर्ड के सख्त निर्देशों के बाद अब हर खिलाड़ी को समान मानकों पर परखा जाएगा, जिससे भविष्य में खिलाड़ियों को बार-बार चोटिल होने से बचाया जा सके।