नई दिल्ली: शिकायत दर्ज कराने वाली अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह ने कहा कि एफआईआर 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुई एक घटना के संबंध में दर्ज की गई है जहां सीजेपी नीट पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही थी। पश्चिम बंगाल में सौरव दास, अभिजीत दीपके और सीजेपी आयोजकों के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत जीरो एफआईआर दर्ज करने की शिकायत की गयी है। पश्चिम बंगाल की वकील रिंकी चटर्जी सिंह ने CJP आयोजकों सौरव दास और अभिजीत दीपके के खिलाफ यह शिकायत दी है। उनका आरोप है कि 20 जुलाई को जंतर मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान एक 12 साल की बच्ची को लाया गया जिसके साथ पुलिस लाठीचार्ज में बदसलूकी हुई।
शिकायत दर्ज कराने वाली अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह ने कहा, “एफआईआर 20 जुलाई को जंतर मंतर पर हुई एक घटना के संबंध में दर्ज की गई है जहां सीजेपी नीट पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही थी। प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज हुआ और देश तथा प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग किया गया। बाद में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक लाइव वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने युवाओं को उनकी टिप्पणियों के लिए माफ कर दिया है और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, सीजेपी आयोजक अभिजीत दिपके और सौरव दास ने बाद में एक वीडियो पोस्ट कर प्रधानमंत्री से पुलिस द्वारा 12 वर्षीय लड़कियों पर लाठीचार्ज करने और उनके साथ दुर्व्यवहार करने के लिए माफी मांगने की मांग की।
वकील ने आगे कहा, “मेरा सवाल यह है कि 12 साल की बच्ची को विरोध प्रदर्शन में कौन लाया? उस उम्र की बच्ची को देखभाल और सुरक्षा की जरूरत होती है।” विरोध प्रदर्शन में बच्चों को शामिल करने के लिए आयोजकों के खिलाफ POCSO एक्ट की धारा 13, 14 और 15 तथा BNS की धारा 153 के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। इस विरोध प्रदर्शन को कौन फंडिंग कर रहा है और पैसा कहां से आ रहा है? यह स्पष्ट रूप से ‘डीप स्टेट’ का काम है। इसमें कुछ दलाल और राष्ट्र-विरोधी शामिल हैं, हमारे ही देश के ऐसे लोग जो हमारा भला नहीं चाहते। ये सभी मोदी सरकार को गिराने के प्रयास में एकजुट हो गए हैं।
इससे पहले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने दिल्ली पुलिस से शिकायत की थी और आरोप लगाया था कि दीपके के समर्थकों ने उनके ऊपर पुणे और औरंगाबाद में हमला किया था। फैजान ने इसको लेकर मंगलवार को दिल्ली के डीसीसी को लिखित शिकायत सौंपी है। फैजान ने दावा किया है कि उनके पास वह सभी सबूत मौजूद है, जिनसे पता चलता है कि अभिजीत दीपके के लोगों ने उनके ऊपर हमला किया था। उन्होंने आगे कहा कि दोनों घटनाओं को लेकर पहले से ही दो मामले दर्ज हैं अब उन्होंने दिल्ली पुलिस से भी कार्रवाई की मांग की है। इन्फ्लुएंसर का आरोप है कि अभिजीत दीपके अपने निजी फायदे के लिए इस तरह की गतिविधियां कर रहे हैं। उन्होंने सीजेपी संस्थापक की गिरफ्तारी की मांग भी की है।
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में अंसारी ने कहा था, “मैंने सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली के डीसीपी को लिखित शिकायत दी है। मेरे ऊपर अभिजीत दीपके के लोगों ने हमला किया। पुणे और औरंगाबाद में मेरे ऊपर हमला हुआ। इसके लिए पहले से ही दो केस दर्ज हैं। मैं चाहता हूं कि दिल्ली पुलिस अभिजीत दीपके को तुरंत गिरफ्तार करे।