युद्ध अभ्यास 2026’ में दिखा भारत-अमेरिका के बीच भाईचारा, ट्रेनिंग के साथ दिखा सांस्कृतिक रंग

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच चल रहा संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास 2026’ सिर्फ ट्रेनिंग तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी भाईचारे, समझ और मजबूत रिश्तों को भी बढ़ावा दे रहा है। इस अभ्यास के दौरान दोनों सेनाओं के जवान न सिर्फ युद्ध कौशल साझा कर रहे हैं बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और हिमालय की खूबसूरती का भी अनुभव कर रहे हैं।

अमेरिकी सेना की टुकड़ी के सदस्यों ने बद्रीनाथ में आयोजित सांस्कृतिक उत्सव में ‘देवभूमि’ की जीवंत परंपराओं का अनुभव किया और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखी। गोरसों बुग्याल के खूबसूरत और प्राकृतिक इलाकों में ट्रेकिंग के दौरान उन्हें हिमालय की भव्य सुंदरता और वहां के प्राकृतिक परिवेश से भी रूबरू होने का मौका मिला। भारतीय सेना ने कहा कि साझा ट्रेनिंग से लेकर साझा अनुभवों तक, ‘युद्ध अभ्यास 2026’ दोस्ती को मजबूत कर रहा है और ऐसी यादें बना रहा है जो सीमाओं से परे हैं।

भारतीय सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी, “युद्ध अभ्यास 2026: भारतीय सेना और अमेरिकी सेना के स्टाफ अधिकारी एक जॉइंट प्लानिंग प्रोसेस के जरिए इस पुरानी समझ को अमल में ला रहे हैं। मिशन का विश्लेषण करके, अपनी क्षमताओं का मूल्यांकन करके और मल्टी-डोमेन माहौल में खतरों का आकलन करके, दोनों सेनाओं के स्टाफ अधिकारी अलग-अलग ऑपरेशनल अनुभव, प्लानिंग के तरीकों और क्षमताओं को मिलाकर एक इंटीग्रेटेड जॉइंट प्लान बनाते हैं।”

सेना ने आगे कहा कि इससे इंटरऑपरेबिलिटी, तालमेल के साथ फैसले लेने की क्षमता और ऑपरेशनल समझ बेहतर होती है, साथ ही जटिल और बदलते ऑपरेशनल माहौल में मिलकर आसानी से काम करने की उनकी क्षमता भी बढ़ती है।

वहीं, यूएस आर्मी पैसिफिक के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से पोस्ट करके लिखा गया, “‘युद्ध अभ्यास 2026’ के दौरान, अमेरिकी और भारतीय सेना के जवानों ने हथियारों, उपकरणों और अनमैन्ड सिस्टम के बारे में जानकारी का आदान-प्रदान किया। जवानों ने एक-दूसरे के उपकरणों को समझा, तकनीकें साझा कीं और साथ मिलकर अनमैन्ड सिस्टम का संचालन किया।”

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